आंखों के लिए खतरा बना मोबाइल

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आंखों में हर वक्त थकान महूसस होना, सुबह-सुबह आंखों का सूजा हुआ दिखना, आंखों के आस-पास काले घेरे जिसे डार्क सर्कल कहते हैं उसका दिखना। सिर में हर वक्त हल्का-हल्का दर्द होना। अगर आपको भी इनमें से कोई दिक्कत हो रही है तो यकीन मानिए यह सब आपके मोबाइल की देन है। जी हां आपने सही सुना बदलती दुनिया के साथ बदलते वक्त ने मोबाइल के हमारे उपयोग को ज्यादा बढ़ा दिया है जिसके कारण हम रह वक्त मोबाइल से दूर नहीं हो पाते जिसका नतीजा हम अपनी आंखों को अस्वस्थ्य करके चुका रहे हैं।

मोबाइल की स्क्रीन में हाइ एनर्जी विज़िबल लाइट (high energy visible light) होती है जिसे सामान्य भाषा में ब्लू लाइट (blue light) कहा जाता है। हाइ एनर्जी विज़िबल लाइट कम दूरी की तरंगों के रूप में आँखों के टिश्यूज़ (tissues) को नुकसान पहुंचा सकते हैं। स्टडी में यह प्रमाणित हुआ है कि, ब्लू लाइट या अधिक सामना करने पर रेटिना के उत्तकों को क्षति पहुँचती है जो आँखों में धुंधलापन या अन्य दृष्टि दोषों के समतुल्य है। तो इस बात से यह सिद्ध होता है कि, मोबाली आँखों की सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक है। अंधत्व या आँखों के रोग का यह एक मुख्य कारण है। तो अब आप जान गए हैं कि आँखों को नुकसान पहुंचाने के पीछे इन मोबाइल्स की कितनी बड़ी भूमिका है वैसे तो एलईडी बल्ब और सूर्य की रोशनी में भी ये ब्लू लाइट उपस्थित होती है पर इनके संपर्क में हम लगातार नहीं रहते और न ही लगातार एकटक देखते रहते हैं इस मुक़ाबले मोबाइल का प्रयोग हम लगातार लंबे समय टक करते हैं, तो अब आपको अपने मोबाइल के प्रति थोड़ा और जागरूक होने की ज़रूरत है।

आज के आधुनिक में सुविधा के साथ अपने कामों को भी आसान करने के लिए मोबाइल एक बहुत बड़ी ज़रूरत बन्न चुका है इसे त्यागना हमारे लिए लगभग नामुमकिन है, पर आँखों की सुरक्षा के लिए कुछ खास उपाय अपनाकर हम इस खतरे को कुछ हद तक कम कर सकते हैं। आज मोबाइल के बिना रहना बहुत मुश्किल है तो कुछ खास सावधानियों को ध्यान में रखकर मोबाइल से होने वाले बुरे प्रभावों को कम किया जा सकता है इसके लिए हमे अपनी कुछ आदतों में खास बदलाव करने की भी ज़रूरत है।

मोबाइल पर बिताने वाले समय की सीमा को कम कर इस दिशा में पहला कदम उठाया जा सकता है। अगर आप बहुत ज़्यादा समय तक या देर तक मोबाइल में व्यस्त रहते हैं तो अपनी इस आदत को बदलने की कोशिश कीजिये। इस आदत के साथ ही बाकी आगे आने वाली आदतों को रोजाना के जीवन में शामिल करना आसान हो जाएगा। यह आपके आँखों की सुरक्षा के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

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