किस करवट सोना आपके लिए है फायदेमंद

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सारा दिन काम करने के बाद हम कैसी नींद लेते हैं, वो आरामदायक है या नहीं, हम किस दिशा में सोते हैं इन सबका भी हमारे स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ता है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि सोते समय हमें किस बात का ध्यान रखना चाहिए जिससे हम स्वस्थ रह सकें। बांई और करवट लेकर सोने से शरीर में जमा होने वाले टॉक्सिन धीरे-धीरे लसिका तंत्र द्वारा निकल जाते हैं। दरअसल बांई ओर सोने से हमारे लीवर पर किसी प्रकार का कोई दबाव नहीं पड़ता, इसलिए यह टॉक्सिन शरीर से बाह निकलने में सफल हो जाते हैं। इससे हमारे पाचन तंत्र को आराम मिलता है। सोने से पेट और अग्न्याशय खाना पचाने का कार्यआराम से करने लगते हैं। अग्न्याशय से एंजाइम सही समय पर निकलना शुरू होता है। खाया गया भोजन भी आराम से पेट के जरिए नीचे पहुंचता है और आराम से खाना हजम हो जाता है। यदि किसी का हाजमा गड़बड़ रहता है और बदहजमी की शिकायत रहती है, तो उन्हें बांई ओर करवट लेकर ही सोना चाहिए। आप स्वयं इससे मिलने वाले फायदे का अनुभव कर सकेंगे। आइये जानते हैं बांईं ओर सोने के कुछ और फायदे

1 बाईं करवट सोना आपके शारीरिक स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत अच्छा होता है। इससे आपके दिल पर अधिक दबाव नहीं पड़ता, और वह बेहतर तरीके से कार्य कर पाता है। जिससे आप अधिक समय तक स्वस्थ रह पाते हैं।

2 इस तरह से शरीर के विभिन्न अंगों और दिमाग तक रक्त के साथ ऑक्सीजन का प्रवाह ठीक तरीके से होता है, और शरीर के सभी अंग स्वस्थ रहते हैं और अच्छी तरह से कार्य करते हैं।

3 गर्भवती महिलाओं के लिए बाईं करवट सोना ही सबसे बेहतर होता है। क्योंकि उससे गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। इसके अलावा एड़ी, हाथों और पैरों में सूजन की समस्या भी नहीं होती।

4 बाईं करवट सोने से शरीर में रक्त कर संचार बेहतर होता है और नींद भी अच्छी आती है। इस तरह से सोने पर आपको उठने पर थकान महसूस नहीं होगी और पेट संबंधी समस्याएं भी हल हो जाएंगी।

5 इस तरह से सोने पर भोजन अच्छी तरह से पचता है, और पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं पड़ता। बार्ईं करवट सोने से शरीर में जमा होने वाला टॉक्‍सिन लसि‍का तंत्र के माध्यम से निकल जाता है।

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