आपका तकिया भी डालता है सेहत पर असर

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हम अपनी सेहत को लेकर बहुत सावधानी बरतते हैं, क्या खाना चाहिए, क्या नहीं खाना चाहिए। कितना ऑयली फूड हमारी सेहत के लिए अच्छा है…वगैरहा-वगैरहा। लेकिन इस सावधानी में हम अक्सर ऐसी छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज कर बैठते हैं जो हमारे लिए बहुत घातक सिद्द हो सकती हैं। जैसे क्या आपने कभी सोचा है कि आपके तकिए की वजह से आपको गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। जी हां आप बिल्कुल सही पढ़ रहे हैं आपका तकिया आपको कई गंभीर बीमारियां दे सकता है।

कई शोध बताते हैं कि यह तकिया हमारी जिंदगी का वह सिरहाना है जहां सेहत के सूत्र खुलते हैं। तकिए पर किए गए एक रिसर्च के मुताबिक अगर आपका तकिया साफ और स्वस्थ्य है तो आपको गहरी नींद आएगी। हम अक्सर आराम के लिए मुलायम तकिए का इस्तेमाल करने लगते हैं। जीनी पौराणिक कथाओं में कठोर और सख्त तकिए को प्राथमिकता दी गई है क्योंकि वे खून के संचार में मदद करते हैं। हम यह भी ध्यान नहीं देते कि हमारे तकिए की उम्र कितनी है? उसमें किस तरह की रुई का इस्तेमाल किया गया है? और क्या वह प्राकृतिक है? अगर किसी का तकिया कमजोर हैं, तो वह व्यक्ति अवसाद का शिकार हो सकता है। उसे अनिंद्र के कारण कई तरह की मानसिक बीमारियां हो सकती है। आइये जानते हैं ऐसी ही कुछ तकिए से जुड़ी बीमारियों के बारें में…

1- त्वचा को नुकसान — गलत तकिया त्वचा केलिए बेहद हानिकारक साबित हो सकता है। हमारे सिर में तेल, धूल, बाल और कई तरह के कण चिपके होते हैं, जो तकिए में भी आते हैं जब तकिया हमारी त्वचा के संपर्क में आता है, तो इससे कई तरह की एलर्जी होने का जोखिम हो सकता है। इसके अलावा विशेषज्ञों का मानना है कि तकिए के इस्तेमाल से झुर्रियों की समस्या भी हो सकती है। अगर हम अपना मुंह तकिए में डालकर सोते हैं, तो चेहरे पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

2- बालों के लिए हानिकार— बालों का गिरना आज एक आम समस्या बन गई है। आमतौर पर हम बालों के गिरने का जिम्मेदार प्रदूषण और केमिकल वाले शैम्पू को मानते हैं। लेकिन बालों के झड़ने का एक कारण तकिया भी हो सकता है। सोने के दौरान बालों और तकिए के बीच घिसाव होता है, जिससे बालों की नमी चली जाती है। वे रुखे और बेजान हो जाते हैं। सुबह उठने पर बाल उलझे हुए होते हैं और जोर लगाकर सीधा करने से टूटकर गिरते हैं। अक्सर जो लोग काम करते वक्त यार खाली समय टीवी देखते या बातचीत करते समय तकिए का सहारा लेकिर बैठते हैं उनके बालों को दोगुना नुकसान पहुंचता है। अक्सर तकिए में धूल जमा हो जाती है और जब आप इस पर सिर रखकर सोते हैं तो यह गंदगी आपके बालों से चिपक जाती है और बाल झड़ने लगते हैं।

3- मानसिक तनाव— तकिए पर किए गए शोध से पता चलता है कि अगरहम तकिए का इस्तेमाल गलत तरीके से करते हैं, तो इससे कई शारीरिक और मानसिक परेसानियां होती हैं। गलत ाकार के तकिए  या फिर ज्यादा ऊंचाई वाले तकिए पर सने के बावूद जब आप सुबह उठते हैं तो तरोताजा महसूस नहीं करते, जिससे जिनभर मानसिक तनाव भी बना रहता है। साथ ही अगरहम बेहद कठोर तकिए पर सोते हैं, तो ुसेसे भी हमारे मस्तिष्क पर काफी दबाव बनता है। इसलिए तकिए को लेकर सही चुनाव करना बेहद जरूरी है। ॉ

4- गर्दन में दर्द— अगर ापके तकिए की ऊंचाई और मोटाई सही नहीं है तो आप गर्दन के दर्द जैसी समस्या का शिकार हो सकते हैं। ऊंचे तकिए परसोने से मांसपेशियों पर खिंचाव बनता है, जिससे गर्दन में दर्द हो सकता है। इससे अलावा बहुत नर्म तकिया भी गर्दन के लिए नकसानदेह हो सकता है। साथ ही एक ही तकिए का ज्यादा समय तक इस्तेमाल करने से उसका लचीलापन भी खत्म हो जाता है। जिसकी हमारे शरीर को आवश्यकता होती है।

5- मुहासों का कारण भी— चेहरे पर बार-बार मुंहासों के आने का एक कारण आपका तकिया भी हो सकता है। हमारे तकिए पर की रह के धूल-मिट्टी के कण और रेशे मौजूद होते हैं। हर रात 6-8 घंटे की नींद लेते वक्त कुछ कण हमारे चेहरे के संपर्क में आते हैं, जिस्से हमारे चेहरे की त्वचा के रोम छिद्र बंद हो जाते हैं। तकिए से त्वचा पर पहुंचे यही कण चेहरे पर मुंहासों का कारण बनते हैं।

courtsy – amarujala

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